भारत के 10 सबसे प्रसिद और अमीर मंदिर

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भारत देश महान पंरपरा, धर्म, संस्कृति, अध्यात्म और साधना-भक्ति का देश है। यहां हर कोने-कोने में आपको मंदिर देखने को मिलेंगे और हर मंदिर में आपकों भक्तों की भीड़ नजर आएगी। यहां अतिप्राचीन वक्त से श्रद्धा स्थल के रूप में मंदिर बहुत महत्व रखते है। बहुत से मंदिर  ऐसे भी है जहां पर अविश्वसनीय चमत्कार भी होते बताए जाते है। इस देश में आस्थावानों के लिए चमत्कार ईश्वर कृपा है और विज्ञान के दृष्टि से देखने वालों के लिए आश्चर्य और कोतुहल का विषय है। यही नहीं हर मंदिर में भक्तों द्वारा किए गए खुले मन से दान से मंदिरों की संपत्ति अरबों-खरबों में है। लेकिन जो भी हो भारत जैसी प्राचीन सभ्यता दुनिया के ओर किसी देश में नहीं। आज के इस लेख में हम भारत के उन्ही अरबों-खरबों मंदिरों की सूची लेकर आए है।
पद्मनाभ स्वामी मंदिर : तिरूवनंतपुरम् शहर के बीच स्थित पद्मनाभ स्वामी मंदिर भारत के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु की विशाल मूर्ति विराजमान है जिसे देखने हजारों भक्त दूर-दूर से आते है। इस मंदिर की देखभाल त्रावणकोर का पूर्व शाही करता है। मंदिर में कुल एक लाख करोड़ की संपत्ति है।
तिरूपति बालाजी मंदिर : आंध्र-प्रदेश के चित्तुर जिले में स्थित इस मंदिर में वास्तुकला का अद्भूत नमूना देखा जा सकता है। सात पहाड़ों से मिलकर बने तिरूपति बालाजी मंदिर के पहाड़ों को विश्व की दूसरी प्राचीन पहाड़ी कहा जाता है। इस मंदिर में कुल 50000 करोड़ की संपत्ति है। यहां रोजाना 50000 श्रद्धालु दर्शन के लिए आते है।
श्रीजगन्नाथ मंदिर : जगन्नथ का अर्थ है जगत के स्वामी। इसी कारण यहां के नगरी को जगन्नाथपुरी कहते है। उड़ीसा में पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर चार धाम में से एक है। भारत के दस अमीर मंदिरों में एक है श्रीजगन्नाथ मंदिर। मंदिर में आने वाले दान से मंदिर की व्यवस्था व अन्य सामाजिक कार्य किए जाते है।
शिर्डी सांई मंदिर : सांई बाबा एक भारतीय गुरू, योगी और फकीर थे। भक्त उन्हें संत कहते थे। दूर-दूर से शिर्डी में बने सांई बाबा के दर्शन के लिए हजारों भक्त आते है। इस मंदिर की संपत्ति और आय करोड़ों में है। लगभग 32 करोड़ की चांदी के जेवर, 6 लाख चांदी के सिक्के  और हर साल 350 करोड़ का दान यहां आता है।
सिद्धिविनायक मंदिर : भगवान गणेश का सबसे लोकप्रिय रूप है सिद्धिविनायक का रूप। कहते है सिद्धि विनायक की महिमा अपरंपार है भक्त यहां जो भी मांगते है वो जल्दी ही पूरा हो जाती है। यह मंदिर भारत के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है। इस मंदिर को 3.7 किलोग्राम सोने से कोट किया गया है जो कि एक व्यापारी ने दान किया था।
वैष्णव देवी मंदिर : त्रिकुटा हिल्स में कटरा नामक जगह पर पहाड़ों पर बना माता वैष्णव देवी का यह मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है। यहां मंदिर के पिंड के समीप एक गुफ बनी हुई है। लोकप्रिय कथाओं के अनुसार देवी इस गुफ में एक राक्षस के वध के लिए छुपी थी। गुफा में बने पिंड भक्तों के आकर्षण का केन्द्र है। यहां भक्तों द्वारा लगभग 500 करोड़ का दान आता है।
सोमनाथ मंदिर : 12 ज्योतिर्लिंग में से प्रथम ज्योतिर्लिंगों में गिना जाता है सोमनाथ मंदिर। कहते है इसका निर्माण स्वयं चंद्रदेव ने किया था। ऋग्वेद में इसका उल्लेख किया गया है। इस मंदिर में हर साल करोड़ों का चढ़ावा आता है।

गुरूवयुर मंदिर : यह मंदिर करेल में स्थापित है। लगभग 5000 साल पुराने इस मंदिर की बहुत मान्यता है। यह मंदिर भगवान विष्णु का सबसे पवित्र मंदिर माना जाता है। दान संपत्ति के कारण इस मंदिर को भारत के सबसे अमीर मंदिरों में गिना जाता है।
काशी विश्वनाथ मंदिर : वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर विशिष्ट स्थानों में से एक है। मंदिर में मात्र दर्शन और गंगा स्नान कर लेने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। भक्तों द्वारा हर साल यहां करोड़ों का चढ़ावा चढाया जाता है।
मीनाक्षी अम्मन मंदिर : मीनाक्षी अम्मन मंदिर को विश्व के नए सात अजूबों के लिए नामित किया गया है। यह मंदिर तमिलनाडु के मदुरै शहर में स्थित सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव व मीनाक्षी देवी पार्वती के रूप के लिए समर्पित है।  3500 साल पुराने इस मंदिर को भारत के सबसे अमीर मंदिरों में गिना जाता है।

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